हमारे देश में मध्यम वर्ग के ऊपर ही सारा कुछ निर्भर करता है क्योकि हमारें देश की 55% इस वर्ग के अन्दर आती है । लेकिन हमारे देश का मध्यमवर्ग ना तो जागरूक होना चाहता है और नाही सोचना समझना । सबसे ज्यादा नफरत आपसे में है तो मध्यम वर्ग में । मध्यम वर्ग में यदि पडोंसी कुछ काम करने की कोशिाश करता है तो दूसरा उसकी टॉग खीचता है । हमारें देश निम्नवर्ग के नाम पर हमारें नेता अपनी दुकानदारी चला रहे है ।हमारे देश में गरीबों के नाम पर इतनी योजनाए हमारें देश के नेताओ चलवा रखी है कि यदि उन योजनाओं को आधा पैसा भी उन गरीबों को सीधा सीधा दे दिया जाय तो वे मध्यम वर्ग में आ जाऐगें और कोई गरीब नही रहेगा । लेकिन नेता उनतक कुछ नही पहॅुचने देते ।कहते वे ऊपर उठ गये तो हमारा क्या होगा । हम जो इनता दारू पिलाके खाना खिलाके पैसा देके चुनाव जीतकर आया हूॅ वह कहॉ से आयेगा । इसलिए गरीबों को वही रहने दो और मध्यम वर्ग कों रगडते रहो । कोई भी नेता चाहे वह किसी भी पार्टी का हो और सरकार किसी की भी हो उसका कोई भी नही रूकेगा । और मध्यम वर्ग का होगा नही । उच्च वर्ग को किसी से काम करवाने की जरूरत नही है ।
Friday, 16 October 2015
Thursday, 15 October 2015
जय हनुमान बजरंग बली की जय
मै आज दिनॉक 15/10/15 से आम जनता की सामाजिक समस्याओं के बारे में कुछ लिखने के लिए ही ये ब्लाग शुरू कर रहा हॅू । मै शपथ पूर्वक कहता हॅू कि मेरा किसी राजनीतिक पार्टी या समुदाय//संगठन से कोई नाता नही है और नाही मेरा मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुॅचाने का है । मेरा जैसा ब्लाग के श्ाीर्षक से ही जाहिर होता है आम जनता को रोज मर्रा के जीवन मे होने वाली समस्याओं को सामने लाना है जिससे उनका हल निकाला जा सके । आज हमारे देश में जो स्थिति बन कर उभर रही है वो एक दो दिन या दो चार साल में नही बनी इसे इस स्तर तक पहुचने में काफी समय लगा है और छोटी छोटी गलतियों ने एक बडा रूप ले लिया है जिसका असर हमारे समाज पर पड रहा है लेकिन हम सब अपने अपने स्वार्थ में इतने अन्धें हो चुके है कि किसी भी आने वाले खतरों को देख नही पा रहे है । हमारे देश में लगातार दोगले कानून काम करते रहे है और आज भी कर रहे है । किसी भी व्यक्ति को जरा से अधिकार मिलते ही वह उनका दुरूपयोग करना शुरू कर देता है । आज हमारे देश में सच को सच कहने वाले अंगुलियों पर गिनने लायक लोग रह गये है । हम लोगो ने महात्मा गॉधी जी की कही हुई तीनों बातों का अपने जीवन में गलत तरीके से समावेश कर लिया है :-
1 बुरा मत कहो
2 बुरा मत सुनाे
3 बुरा मत देखो
1 बुरा मत कहों :- इसकाे लोगो ने ऐसे समझ लिया हेै कि हमे कुछ कहना ही नही चाहे हमारे सामने कुछ भी बुरा होता रहे हम कुछ कहेगेें ही नही तो बुरा कैसे होगा ।
2 बुरा मत सुनाे :- आज सडक पर किसी के साथ कोई दुर्घटना घट जाए या किसी को कोई पीट रहा या कोई चिल्लाकर मदद मांग रहा हम सुनते ही नही गांधी जीने कहा था ।
3 बुरा मत देखो :-हमारे सामने किसी की लडकी के साथ बलात्कार हो या छेडखानी हम देखते ही नही उस तरफ । किसी जेब कटो यो कोईकिसी का सामान उठाकर ले जा रहा हो हम नही देखते ।
आज जितना अपराध बढ रहा है उसका जिम्मेदार जितना प्रशासन है उससे ज्यादा हम सब भी है । जब कोई गुनाह हमारे सामने होता है या हम सूनते है या देखते है हर बार ये सोचकर कुछ नही करते कि मेरे साथ थोडे हुआ है । हम लोग इस चीज से कब तक बचेगें । अपराधियों के होैसले हमारे न बोलने के कारण इतने बुलन्द हो जाते है कि वे किसी के भी साथ बडे से बडा अपराध करने सेनही डरते है । कभी हम भीतो अपराध काशिकार हो सकते है। इसलिए देश के सभीनागरिकों में कर बद्ध प्रार्थना करता हॅू कि जब किसी के साथ आपके सामने कोई आपराध होता है तो आप कुछ ना कुछ तो जरूर कीजिएगा । ये समय वस्थिति के अनुसार आपको अपने विवेक के अनुसार अवश्य करना चाहिए ।
मै आज दिनॉक 15/10/15 से आम जनता की सामाजिक समस्याओं के बारे में कुछ लिखने के लिए ही ये ब्लाग शुरू कर रहा हॅू । मै शपथ पूर्वक कहता हॅू कि मेरा किसी राजनीतिक पार्टी या समुदाय//संगठन से कोई नाता नही है और नाही मेरा मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुॅचाने का है । मेरा जैसा ब्लाग के श्ाीर्षक से ही जाहिर होता है आम जनता को रोज मर्रा के जीवन मे होने वाली समस्याओं को सामने लाना है जिससे उनका हल निकाला जा सके । आज हमारे देश में जो स्थिति बन कर उभर रही है वो एक दो दिन या दो चार साल में नही बनी इसे इस स्तर तक पहुचने में काफी समय लगा है और छोटी छोटी गलतियों ने एक बडा रूप ले लिया है जिसका असर हमारे समाज पर पड रहा है लेकिन हम सब अपने अपने स्वार्थ में इतने अन्धें हो चुके है कि किसी भी आने वाले खतरों को देख नही पा रहे है । हमारे देश में लगातार दोगले कानून काम करते रहे है और आज भी कर रहे है । किसी भी व्यक्ति को जरा से अधिकार मिलते ही वह उनका दुरूपयोग करना शुरू कर देता है । आज हमारे देश में सच को सच कहने वाले अंगुलियों पर गिनने लायक लोग रह गये है । हम लोगो ने महात्मा गॉधी जी की कही हुई तीनों बातों का अपने जीवन में गलत तरीके से समावेश कर लिया है :-
1 बुरा मत कहो
2 बुरा मत सुनाे
3 बुरा मत देखो
1 बुरा मत कहों :- इसकाे लोगो ने ऐसे समझ लिया हेै कि हमे कुछ कहना ही नही चाहे हमारे सामने कुछ भी बुरा होता रहे हम कुछ कहेगेें ही नही तो बुरा कैसे होगा ।
2 बुरा मत सुनाे :- आज सडक पर किसी के साथ कोई दुर्घटना घट जाए या किसी को कोई पीट रहा या कोई चिल्लाकर मदद मांग रहा हम सुनते ही नही गांधी जीने कहा था ।
3 बुरा मत देखो :-हमारे सामने किसी की लडकी के साथ बलात्कार हो या छेडखानी हम देखते ही नही उस तरफ । किसी जेब कटो यो कोईकिसी का सामान उठाकर ले जा रहा हो हम नही देखते ।
आज जितना अपराध बढ रहा है उसका जिम्मेदार जितना प्रशासन है उससे ज्यादा हम सब भी है । जब कोई गुनाह हमारे सामने होता है या हम सूनते है या देखते है हर बार ये सोचकर कुछ नही करते कि मेरे साथ थोडे हुआ है । हम लोग इस चीज से कब तक बचेगें । अपराधियों के होैसले हमारे न बोलने के कारण इतने बुलन्द हो जाते है कि वे किसी के भी साथ बडे से बडा अपराध करने सेनही डरते है । कभी हम भीतो अपराध काशिकार हो सकते है। इसलिए देश के सभीनागरिकों में कर बद्ध प्रार्थना करता हॅू कि जब किसी के साथ आपके सामने कोई आपराध होता है तो आप कुछ ना कुछ तो जरूर कीजिएगा । ये समय वस्थिति के अनुसार आपको अपने विवेक के अनुसार अवश्य करना चाहिए ।
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